चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, 33.13 लाख मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म की जानकारी में गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजे गए हैं।
एक दिन पहले CM रेखा गुप्ता और पूर्व CM अरविंद केजरीवाल को भी नोटिस मिलने की खबर सामने आई थी। नोटिस पाने वालों को 29 अक्टूबर तक ERO के पास जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
SIR का दावा-आपत्ति चरण 30 सितंबर तक चलेगा और अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होगी। दिल्ली में SIR के खिलाफ याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
33 लाख से ज्यादा वोटर्स के फॉर्म में गड़बड़ियां मिलीं
98 साल के लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को 2002 की SIR मतदाता सूची से नाम मैप नहीं होने के कारण नोटिस मिला है। उनके बेटे जयंत की मैपिंग प्रक्रिया पूरी हो गई है। चारों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर, जो नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सुनहरी बाग इलाके में मतदाता हैं, को भी ‘पिछली SIR से मैप नहीं’ कारण से नोटिस मिला है।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश को भी नोटिस दिया गया है। उनके मतदाता रिकॉर्ड में उपराष्ट्रपति आवास का पता दर्ज है।
चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को उनके नाम में अंतर के कारण नोटिस मिला है, जबकि उनके बेटे दमनबीर को माता-पिता के नाम में अंतर के कारण नोटिस जारी किया गया है। दोनों दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री को भी ‘पिछली SIR से मैप नहीं’ कारण से नोटिस दिया गया है।
पूर्व दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, राज्यसभा सांसद कपिल सिबल और BJP नेता सुधांशु मित्तल को भी नोटिस भेजा गया है। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर कपिल सिबल को पिछली SIR से रिकॉर्ड लिंक नहीं होने के कारण नोटिस मिला है।
वीरेंद्र सचदेवा ने बताया कि उन्हें नाम से जुड़ी गड़बड़ी के कारण नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि जरूरी दस्तावेजों के जरिए इसे ठीक करा लेंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी और भाई का नाम भी नोटिस पाने वालों की सूची में है। उन्होंने कहा कि जरूरी सुधार करा दिए जाएंगे।
दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR का तीसरा फेज
चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है।
पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।
नगालैंड: SIR के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में 11.99 लाख नाम, 1.59 लाख हटे
नगालैंड में रविवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई। इसमें SIR से पहले की 13.57 लाख मतदाताओं वाली सूची में से करीब 1.59 लाख नाम शामिल नहीं किए गए।
नई ड्राफ्ट सूची में 11.99 लाख मतदाताओं के नाम हैं। SIR के दौरान पिछली सूची में 29,944 मतदाता मृत, 1.23 लाख अनुपस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित और 5,059 मतदाता एक से अधिक जगहों पर रजिस्टर्ड पाए गए।
SIR पर 23 विपक्षी दलों ने CJI को लेटर लिखा: बोले- चुनाव आयोग की प्रकिया मनमानी और लोकतंत्र विरोधी
चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने जून में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को लेटर लिखा। लेटर पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) समेत 23 विपक्षी दलों और निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने हस्ताक्षर किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
मुख्य बातें
- चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, 33.13 लाख मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म की जानकारी में गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजे गए हैं।
- एक दिन पहले CM रेखा गुप्ता और पूर्व CM अरविंद केजरीवाल को भी नोटिस मिलने की खबर सामने आई थी।
- नोटिस पाने वालों को 29 अक्टूबर तक ERO के पास जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 21 सितंबर 2026।


